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पाठ्यक्रम

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शिक्षणपरक कार्यक्रम

(क) विदेशी विद्यार्थियों के लिए हिंदी शिक्षण

भारत सरकार की (विदेशों में) हिंदी प्रचार-प्रसार योजना एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अंतर्गत चुने गये विदेशी छात्रों के लिए मुख्यालय आगरा और दिल्ली केंद्र के अंतर्गत निम्नलिखित पाठ्यक्रम आयोजित किएजाते हैं-

  • check-iconहिंदी भाषादक्षता प्रमाण पत्र - 100

  • check-iconहिंदी भाषा दक्षता डिप्लोमा - 200

  • check-iconहिंदी भाषा दक्षता उच्च डिप्लोमा - 300

  • check-iconस्नातकोत्तर हिंदी डिप्लोमा - 400

दिल्ली केंद्र के अंतर्गत उपर्युक्त पाठ्यक्रमों (1 से 3) तक का संचालन स्ववित्त पाठ्यक्रम योजना के अंतर्गत किया जाताहै। ये पाठ्यक्रम स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र (पूर्व नाम: आईसीसी) के माध्यम से श्रीलंका में भी संचालित किए जाते हैं।

(ख) सांध्यकालीन पाठ्यक्रम (स्व-वित्तपोषित)

संस्थान के मुख्यालय आगरा और दिल्ली केंद्र के अंतर्गत निम्नलिखित पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं-

  • check-iconपरा-स्नातकोत्तर अनुप्रयुक्त हिंदी भाषाविज्ञान डिप्लोमा

  • check-iconस्नातकोत्तर अनुवाद सिद्धांत एवं व्यवहार डिप्लोमा

  • check-iconस्नातकोत्तर जनसंचार एवं पत्रकारिता डिप्लोमा

दिल्ली केंद्र के अंतर्गत उपर्युक्त पाठ्यक्रमों (1 से 3) तक का संचालन स्ववित्त पाठ्यक्रम योजना के अंतर्गत किया जाताहै। ये पाठ्यक्रम स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र (पूर्व नाम: आईसीसी) के माध्यम से श्रीलंका में भी संचालित किए जाते हैं।

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(क) हिंदीतर राज्यों के विद्यार्थियों के लिए अध्यापक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम

The Department of Teacher Education at Headquarter as well as at its regional centres conducts the following two Years Training Programmes (1, 2 & 3) for Hindi Teachers and interested students of Non-Hindi States. The courses are as follows:

  • check-icon

    हिंदी शिक्षण निष्णात- एम.एड. स्तरीय (आगरा)

  • check-icon

    हिंदी शिक्षण पारंगत- बी.एड. स्तरीय (आगरा)

  • check-icon

    हिंदी शिक्षण प्रवीण- बी.टी.सी./डी.एल.एड. स्तरीय (आगरा, दीमापुर)

  • check-icon

    त्रिवर्षीय हिंदी शिक्षण डिप्लोमा- हिंदी शिक्षणप्रशिक्षण deat, दीमापुर (नागालैंड) में त्रिवर्षीय हिंदी शिक्षण डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम और द्वितीय वर्ष का अध्ययन पूरा करने के बाद तृतीय वर्ष का शिक्षण कार्य केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में कराया जाता है।

  • check-icon

    विशेष गहन हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (दीमापुर)- यह एकवर्षीय पाठ्यक्रम भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों के अप्रशिक्षित हिंदी अध्यापकों के लिए है।

(ख) दूरस्थ शिक्षण कार्यक्रम शिक्षण कार्यक्रम (स्ववित्तपोषित)

हिंदीतर भाषी राज्यों के सेवारत हिंदी अध्यापकों के लिए दूरस्थ अध्यापक शिक्षा विभाग के अंतर्गत दो वर्ष की अवधि का हिंदी शिक्षण पारंगत (पत्राचार-सह-संपर्क पाठ्यक्रम) का संचालन मुख्यालय आगरा से किया जाता है।

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नवीकंरण एवं संवर्द्धनात्मक कार्यक्रम

हिंतर राज्यों के अध्यापकों के लिए केंद्रों द्वार नवीकरण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसका मार्गदर्शन नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग तथा शैक्षणिक समन्वयक कार्यालय करता है।

नवीकरण एबं भाषा प्रसार विभाग गुजरात, कर्नाटक, असम, मिजोस्म और मणिपुर राज्य के हिंदी प्रशिक्षण महाविद्यालयों के छात्रों के लिए 30 दिवसीय भाषा संवर्द्धनात्मक कार्यक्रम तथा सिक्किम राज्य के लिए 21 दिवसीय नवीकरण कार्यक्रम आगरा में चलाता है। राज्य सरकारों द्वारा प्रतिनियुक्त अध्यापक निम्नलिखित विवरण के अनुसार संस्थान के विभिन क्षेत्रीय केंद्रों में नवीकरण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं-

  • check-iconदिल्‍ली केंद्र- पंजाब, जम्मू-कश्मीर एवं हिमाचल (आदिवासी क्षेत्र) राज्यों के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconहैदराबाद केंद्र- आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र एवं केंद्र शासित पांडिचेरी एवं अंडमान निकोबार द्वीप समूह के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconगुवाहाटी केंद्र.- असम, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconशिलांग केंद्र- मेघालय एवं मिजोरम के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconमैसूर केंद्र- कर्नाटक, केरल और केंद्र शासित लक्षद्वीप केहिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconदीमापुर केंद्र- छागालैंड और मणिपुर के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconभुवनेश्वर केंद्र- उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconअहमदाबाद केंद्र- गुजरात, दमन दीव तथा दादर और नागर हवेली के हिंदी अध्यापकों के लिए

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अनुसंधानपरक कार्यक्रम

केंद्रीय हिंदी संस्थान का एक प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित क्षेत्रों में अनुसंधान कार्यों को निरंतर अग्रसर करना है-

  • check-iconहिंदी शिक्षण की अधुनातन प्रविधियों के विकास के लिए शोध

  • check-iconहिंदी भाषा और अन्य भारतीय भाषाओं का तुलनात्मक व्यतिरिकी अध्ययन

  • check-iconहिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में आधारभूत एवं अनुप्रयुक्त अनुसंघान

  • check-iconहिंदी भाषा के आधुनिकीकरण और भाषा-प्रौद्योगिकी के विकास के उद्देश्य से अनुसंधान

  • check-iconहिंदी का समाज भाषावैज्ञानिक सर्वेक्षण और अध्ययन

  • check-iconप्रयोजनपरक हिंदी से संबंधित शोध कार्य

उपर्युक्त अनुसंधानपरक कार्यों के दौरान द्वितीय भाषा एवं विदेशी भाषा के रूप में हिंदी शिक्षण के लिए उपयोगी शिक्षण सामग्री का निर्माण भी संस्थान द्वारा किया जाता है।

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शिक्षण सामग्री निर्माण और भाषा विकास

केंद्रीय हिंदी संस्थान शिक्षण-प्रशिक्षण और अनुसंधान के अलावा हिंदीतर राज्यों के विद्यार्थियों के लिए हिंदी पाठ्यपुस्तकों, कोश और आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए हिंदी शिक्षण के लिए उपयोगी सामग्री का निर्माण करता है-

  • check-iconहिंदीतर राज्यों और जनजाति क्षेत्र के विद्यालयों के लिए हिंदी शिक्षण सामग्री निर्माण

  • check-iconहिंदीतर राज्यों के लिए हिंदी के व्यतिरिकी व्याकरण एवं द्विभाषी अध्येता कोशों का निर्माण

  • check-iconविदेशी भाषा के रूप में हिंदी शिक्षण पाठ्यपुस्तकों का निर्माण

  • check-iconकंप्यूटर साधित हिंदी भाषा शिक्षण सामग्री का निर्माण

  • check-iconदृश्व-श्रव्य माध्यमों से हिंदी शिक्षण संबंधी पाठ्य सामग्री का निर्माण

  • check-iconहिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के द्विभाषी शब्दकोशों और लोक साहित्य ग्रंथों का निर्माण

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शिक्षणपरक कार्यक्रम

(क) विदेशी विद्यार्थियों के लिए हिंदी शिक्षण

भारत सरकार की (विदेशों में) हिंदी प्रचार-प्रसार योजना एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अंतर्गत चुने गये विदेशी छात्रों के लिए मुख्यालय आगरा और दिल्ली केंद्र के अंतर्गत निम्नलिखित पाठ्यक्रम आयोजित किएजाते हैं-

  • check-iconहिंदी भाषादक्षता प्रमाण पत्र - 100

  • check-iconहिंदी भाषा दक्षता डिप्लोमा - 200

  • check-iconहिंदी भाषा दक्षता उच्च डिप्लोमा - 300

  • check-iconस्नातकोत्तर हिंदी डिप्लोमा - 400

(ख) सांध्यकालीन पाठ्यक्रम (स्व-वित्तपोषित)

संस्थान के मुख्यालय आगरा और दिल्ली केंद्र के अंतर्गत निम्नलिखित पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं-

  • check-icon

    हिंदी शिक्षण निष्णात- एम.एड. स्तरीय (आगरा)

दिल्ली केंद्र के अंतर्गत उपर्युक्त पाठ्यक्रमों (1 से 3) तक का संचालन स्ववित्त पाठ्यक्रम योजना के अंतर्गत किया जाताहै। ये पाठ्यक्रम स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र (पूर्व नाम: आईसीसी) के माध्यम से श्रीलंका में भी संचालित किए जाते हैं।

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(क) हिंदीतर राज्यों के विद्यार्थियों के लिए अध्यापक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम

The Department of Teacher Education at Headquarter as well as at its regional centres conducts the following two Years Training Programmes (1, 2 & 3) for Hindi Teachers and interested students of Non-Hindi States. The courses are as follows:

  • check-icon

    हिंदी शिक्षण निष्णात- एम.एड. स्तरीय (आगरा)

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    हिंदी शिक्षण पारंगत- बी.एड. स्तरीय (आगरा)

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    हिंदी शिक्षण प्रवीण- बी.टी.सी./डी.एल.एड. स्तरीय (आगरा, दीमापुर)

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    त्रिवर्षीय हिंदी शिक्षण डिप्लोमा- हिंदी शिक्षणप्रशिक्षण deat, दीमापुर (नागालैंड) में त्रिवर्षीय हिंदी शिक्षण डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम और द्वितीय वर्ष का अध्ययन पूरा करने के बाद तृतीय वर्ष का शिक्षण कार्य केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में कराया जाता है।

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    विशेष गहन हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (दीमापुर)- यह एकवर्षीय पाठ्यक्रम भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों के अप्रशिक्षित हिंदी अध्यापकों के लिए है।

(ख) दूरस्थ शिक्षण कार्यक्रम शिक्षण कार्यक्रम (स्ववित्तपोषित)

हिंदीतर भाषी राज्यों के सेवारत हिंदी अध्यापकों के लिए दूरस्थ अध्यापक शिक्षा विभाग के अंतर्गत दो वर्ष की अवधि का हिंदी शिक्षण पारंगत (पत्राचार-सह-संपर्क पाठ्यक्रम) का संचालन मुख्यालय आगरा से किया जाता है।

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नवीकंरण एवं संवर्द्धनात्मक कार्यक्रम

हिंतर राज्यों के अध्यापकों के लिए केंद्रों द्वार नवीकरण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसका मार्गदर्शन नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग तथा शैक्षणिक समन्वयक कार्यालय करता है।

नवीकरण एबं भाषा प्रसार विभाग गुजरात, कर्नाटक, असम, मिजोस्म और मणिपुर राज्य के हिंदी प्रशिक्षण महाविद्यालयों के छात्रों के लिए 30 दिवसीय भाषा संवर्द्धनात्मक कार्यक्रम तथा सिक्किम राज्य के लिए 21 दिवसीय नवीकरण कार्यक्रम आगरा में चलाता है। राज्य सरकारों द्वारा प्रतिनियुक्त अध्यापक निम्नलिखित विवरण के अनुसार संस्थान के विभिन क्षेत्रीय केंद्रों में नवीकरण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं-

  • check-iconदिल्‍ली केंद्र- पंजाब, जम्मू-कश्मीर एवं हिमाचल (आदिवासी क्षेत्र) राज्यों के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconहैदराबाद केंद्र- आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र एवं केंद्र शासित पांडिचेरी एवं अंडमान निकोबार द्वीप समूह के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconगुवाहाटी केंद्र.- असम, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconशिलांग केंद्र- मेघालय एवं मिजोरम के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconमैसूर केंद्र- कर्नाटक, केरल और केंद्र शासित लक्षद्वीप केहिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconदीमापुर केंद्र- छागालैंड और मणिपुर के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconभुवनेश्वर केंद्र- उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के हिंदी अध्यापकों के लिए

  • check-iconअहमदाबाद केंद्र- गुजरात, दमन दीव तथा दादर और नागर हवेली के हिंदी अध्यापकों के लिए

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अनुसंधानपरक कार्यक्रम

केंद्रीय हिंदी संस्थान का एक प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित क्षेत्रों में अनुसंधान कार्यों को निरंतर अग्रसर करना है-

  • check-iconहिंदी शिक्षण की अधुनातन प्रविधियों के विकास के लिए शोध

  • check-iconहिंदी भाषा और अन्य भारतीय भाषाओं का तुलनात्मक व्यतिरिकी अध्ययन

  • check-iconहिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में आधारभूत एवं अनुप्रयुक्त अनुसंघान

  • check-iconहिंदी भाषा के आधुनिकीकरण और भाषा-प्रौद्योगिकी के विकास के उद्देश्य से अनुसंधान

  • check-iconहिंदी का समाज भाषावैज्ञानिक सर्वेक्षण और अध्ययन

  • check-iconप्रयोजनपरक हिंदी से संबंधित शोध कार्य

उपर्युक्त अनुसंधानपरक कार्यों के दौरान द्वितीय भाषा एवं विदेशी भाषा के रूप में हिंदी शिक्षण के लिए उपयोगी शिक्षण सामग्री का निर्माण भी संस्थान द्वारा किया जाता है।

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शिक्षण सामग्री निर्माण और भाषा विकास

केंद्रीय हिंदी संस्थान शिक्षण-प्रशिक्षण और अनुसंधान के अलावा हिंदीतर राज्यों के विद्यार्थियों के लिए हिंदी पाठ्यपुस्तकों, कोश और आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए हिंदी शिक्षण के लिए उपयोगी सामग्री का निर्माण करता है-

  • check-iconहिंदीतर राज्यों और जनजाति क्षेत्र के विद्यालयों के लिए हिंदी शिक्षण सामग्री निर्माण

  • check-iconहिंदीतर राज्यों के लिए हिंदी के व्यतिरिकी व्याकरण एवं द्विभाषी अध्येता कोशों का निर्माण

  • check-iconविदेशी भाषा के रूप में हिंदी शिक्षण पाठ्यपुस्तकों का निर्माण

  • check-iconकंप्यूटर साधित हिंदी भाषा शिक्षण सामग्री का निर्माण

  • check-iconदृश्व-श्रव्य माध्यमों से हिंदी शिक्षण संबंधी पाठ्य सामग्री का निर्माण

  • check-iconहिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के द्विभाषी शब्दकोशों और लोक साहित्य ग्रंथों का निर्माण