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शिलांग

परिचय

केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग की स्थापना 1976 में हुई थी। 1978 में यह केंद्र गुवाहाटी स्थानांतरित कर दिया गया। पुन: इसकी स्थापना वर्ष 1987 में की गई। हिंदी के प्रचार-प्रसार के अंतर्गत शिलांग केंद्र हिंदी शिक्षकों के लिए नवीकरण (तीन सप्ताह का) पाठ्यक्रम और असम रायफ़ल्स के विद्यालयों के हिंदी शिक्षकों, केंद्र सरकार के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को हिंदी का कार्य साधक ज्ञान कराने के लिए 2-3 सप्ताह का हिंदी शिक्षणपरक कार्यक्रम संचालित करता है। इस केंद्र के कार्य क्षेत्र मेघालय, त्रिपुरा एवं मिज़ोरम राज्य है।

Shillong
स्थापना

इस केंद्र की स्थापना जुलाई, 1976 में की गयी थी। किन्ही कारणों से यह केंद्र जून, 1979 में गुवाहाटी स्थानान्तरित कर दिया गया। उस समय इसका कार्यक्षेत्र असम, अरूणाचल, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नागालैण्ड एवं त्रिपुरा था। मेघालय राज्य की मांग पर सितंबर 1987 में पुन: इसे शिलांग में प्रारंभ किया गया। इस समय इसे पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय, शिलांग के परिसर में प्रारंभ किया गया और इसका कार्यक्षेत्र मेघालय तथा मिजोरम निर्धरित किया गया। बाद में मणिपुर को भी केंद्र के साथ जोड़ लिया गया। नागालैण्ड—दीमापुर में संस्थान का नया केंद्र स्थापित् होने के पश्चात केंद्र का कार्यक्षेत्र मेघालय, मिजोरम तथा त्रिपुरा कर दिया गया।

विभाग के सदस्य

शैक्षणिक सदस्य
Professor Parth Sarthi Pandey

प्रोफेसर पार्थ सारथी पाण्डेय

क्षेत्रीय निदेशक, प्रोफेसर

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Dr. Mayank

डॉ. मयंक

असिस्टेंट प्रोफेसर

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प्रशासनिक सदस्य
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कार्यालय अधीक्षक

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कनिष्ठ आशुलिपिक

प्रस्तावित पाठ्यक्रम

प्रस्तावित पाठ्यक्रम

  • check-icon राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघुअवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा उन्हें मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति सतत जागरूक रखने का प्रयास किया जाता है।
अन्य महत्वपूर्ण विवरण

संपर्क स्थल-

केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग केंद्र

माउकसियांग (माउडियांगडियांग),

आइएचएमएस के पास,

शिलांग – 793018 (मेघालय)

दूरभाष : 0364-2912609

ईमेल – rdshillong1976@gmail.com